व्यापार क्या है? What is business। बिजनेस कैसे करें ?

दोस्तों स्वागत है आप सभी का फिर से एक बार हमारे हिंदी फिल्म linkar.in में हम आपकी सेवा में एक बार फिर से हाजिर है एक फिर रोचक पोस्ट लेंगे दोस्तों आपके सवाल मन में घूमते ही रहते होंगे की व्यापार कैसे करें, बिजनेस कैसे करें, बिजनेस करने का नया तरीका क्या है, कौन सा बिजनेस करें जिसमें फायदा हो आदि सवाल आपके मन में घूमते रहते हैं आपको उनका जवाब नहीं मिला होगा वैसे तो इंटरनेट पर बहुत सारे आर्टिकल व्यापार से संबंधित है दोस्तों में आपको बताता चलूं कि बिजनेस और व्यापार दोनों एक ही चीज है बिजनेस को हम इंग्लिश में कहते हैं और हिंदी में हम व्यापार कहते हैं तो आपको यह कंफ्यूजन दूर हो जाना चाहिए कि बिजली और व्यापार एक ही चीज है आजकल अच्छा बिजनेस करने के लिए सभी कुछ ना कुछ जरूर करते हैं उनमें से कुछ लोग सफल हो जाते हैं लेकिन कुछ लोग निराश होकर इधर उधर भटकने लगते हैं उनको सफलता नहीं मिलती वह असफल हो जाते हैं उनके दिमाग में तरह-तरह के सवाल बढ़ाते हैं कि कौन से बिजनेस में फायदा है दोस्तों आज हम आपके मन में हो रहे या आपको परेशान कर रहे सवाल का जवाब लेकर आए हैं जिसे आप पूरा पढ़ें तभी आपको कुछ समझ में आएगा वरना आप के समझ में कुछ नहीं आया तो चलिए शुरू करते हैं व्यापार या बिजनेस क्या है सबसे पहले जान लेते है ।


व्यापार क्या है? What is business
दोस्तों आजकल पैसा हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन रहा है इसके बिना जिंदगी अधूरी सी लगने लगती है पैसे कमाने के लिए लोग बहुत तरीके बनाते हैं लेकिन सबसे ज्यादा तरीका व्यापार या बिजनेस का है जिसमें लगभग दुनिया के 60 परसेंट आदमी इस तरीके को अपनाते हैं हम सभी को पैसे कमाने के लिए एक अच्छी बिजनेस की जरूरत होती है जिससे हम ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने के लिए व्यवसाय ही करना होगा. यही एक मात्र रास्ता है जिससे, जितना चाहते हो उतना धन अर्जित किया जा सकता है. यदि कोई फिक्स सैलरी में नौकरी करने वाले व्यक्ति के पास अपार पैसा हो तो इसका मतलब या तो पुरानी संपत्ति है या दूसरा क्या हो सकता है आप समझ सकते हो बहुत से काम हो सकते हैं जो मैं बताना नहीं चाहूंगा आप खुद ही समझ गए होंगे।

Buisness के प्रकार  । व्यवसाय के प्रकार 

बिना धन के लिए 
आर्थिक (धन के लिए )

Specialisation of business (व्यवसाय की विशेषता )
व्यवसाय (Business) की शुरुआत उपभोक्ताओं को उत्पादन या या सेवा प्रदान करने के लिए किया जाता है. इसे कंपनी, फर्म, इंटरप्राइजेज भी कहते हैं. व्यवसाय बहुत बड़ा क्षेत्र है जिसके अंतर्गत व्यापार, उत्पादन और गुणवत्ता सभी कार्य शामिल है. बिज़नस वस्तुओ और सेवाओं के निरंतर उत्पादन और उसे उपभोक्ता तक पहुचाने की एक आर्थिक प्रक्रिया है. दूसरे शब्दों में बिज़नस का उद्देश्य वस्तु उत्पादन और सेवाओं से मानवीय इक्षाओं की पूर्ति कर लाभ कमाया जाता है. लाभ कमाने के उद्देश्य से वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन कर इसे ग्राहक तक पहुंचाने के लिए कई प्रक्रिया से गुजरना होता है. जैसे company- transporters - wholesalers -retailer-customer

पूँजीवादी अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार को अहम् स्थान दिया गया है. किसी देश की व्यवस्था को चलाने के लिए देश में ज्यादा से ज्यादा व्यापारी वर्ग का का होना जरूरी है. सरकार के पास इन्हीं व्यापारी वर्ग से टैक्स के रूप में पर्याप्त धन आता है. जिससे सरकारी कर्मचारी को तनख्वाह दिया जाता है. व्यवसायी लाभ कमाने के लिए काम करते हैं. सरकार की संस्था और सरकारी संस्था भी व्यापार करती है. लेकिन, यह लाभ की जगह लोक कल्याण के लिये काम करती है |

Types of business
आजकल लगभग सभी लोग हमारे आसपास में मौजूद सभी लोग किसी न किसी कार्य में व्यस्त है जैसे किसान खेत में काम करता है, चिकित्सक मरीज का इलाज करता है, शिक्षक शिक्षा देने का काम कर रहा है, ऐसे ही कोई ना कोई काम हर व्यक्ति करता है लोगों का अपने कामों में व्यस्त रहने का वजह है जीवन जीने के लिए धनोपार्जन करना जिससे आवश्यकता की पूर्ति हो सके. कुछ लोग इतना काम कर देश और दुनिया के अमीर व्यक्ति के श्रेणी में आ जाते हैं तो कुछ सिर्फ आवश्यकताओं की पूर्ति कर पाते हैं. मानव दो तरह के कार्यों में व्यस्त है जो सभी लोग नहीं करते लगभग 70 परसेंट लोग आर्थिक कार्य करते हैं लेकिन कुछ ही लोग अन आर्थिक कार्य लगभग 30 परसेंट लोग आर्थिक कार्य कर रहे हैं देश में अपनी समाज की सेवा में धर्म की सेवा करते हैं उनको पैसे से कोई मतलब नहीं होता है |

Uneconomical work (अनार्थिक कार्य )
कुछ लोग ऐसे कार्य भी करते है जो धन अर्जित करने के बजाय संतुष्टि प्राप्त करे , अपनी धर्म की सेवा करे , देश की  सेवा के उद्देश्य से की जाती हैं उसे अनार्थिक कार्य  कहते हैं. इसमें सामाजिक उत्तरदायित्वों की पूर्ति, स्वास्थ्य लाभ, कुछ ऐसी योजना जिससे लोक कल्याण हो सके. इसमें वह सभी काम शामिल है जो हम करते तो हैं लेकिन, इससे किसी तरह का आर्थिक लाभ नहीं होता है फिर भी ये लोग करते है उनको इस काम में आनंद प्राप्त होता है ।

Economic work (आर्थिक कार्य)
इस काम को करने के लिए लगभग सभी लोग दिन रात मेहनत करते हैं वह पैसा कमाने के लिए अपनी इच्छाओं को पूरी करने के लिए इन काम को करते हैं ऐसे काम जो अपने और धन के लालच में या वह
काम जो आर्थिक लाभ (धन अर्जित) करने के उद्देश्य से की जाती हैं. इसमें कार्य का मुख्य उद्देश्य धनोपार्जन ही है. जैसे शिक्षक धन कमाने के लिए शिक्षा देने का काम करता है. किसान फसल बेच कर पैसा कमाने के लिए खेत में काम करता है. सरकारी और निजी संस्थानों में कार्य करने वाला व्यक्ति वेतन के लिए कार्यालय या कारखाने में काम कर मजदूरी लेता है. आर्थिक कार्य मुख्य रूप से तीन तरह से किया जाता है लेकिन इनमें भी आर्थिक कार्य होता है यह मुख्य रूप से  तीन प्रकार का होता है नौकरी, पेशा, व्यवसाय

नौकरी : नौकरी भी व्यवसाय ही है. यह एक ऐसे धंधे को सम्बोधित करता है. जिसमें व्यक्ति समय से दूसरों के लिए कार्य करता है और उसके बदले में वेतन अथवा मजदूरी प्राप्त करता है. सरकारी कर्मचारी, कंपनियों के कार्यकारी, बैंक कर्मचारी, फैक्ट्री मजदूर आदि नौकरी में संलग्न माने जाते हैं. नौकरी में मिलने वाला वेतन काम के घंटे और व्यक्ति के कार्य कुशलता पर निर्भर करता है. सामान्य तौर पर नौकरी देने वाला कर्मचारी का वेतन, समय और अन्य शर्तों को तय करता है

पेशा : डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, ये सब पेशेवर होते हैं. एक व्यक्ति सभी क्षेत्र का विशेषज्ञ नहीं हो सकता है. ऐसा में हमें दूसरे क्षेत्रों के विशेषज्ञ व्यक्तियों की आवश्यकता होती है. किसी कानूनी सलाह के लिए वकील से मिलना होता है, बीमार होने पर डॉक्टर से मिलना होता है. ये सभी व्यक्ति पेशे से जुड़े लोग हैं. पेशेवर व्यक्ति अपने ज्ञान से धन अर्जित करता है

व्यवसाय की विशेषता क्या है ?
बिज़नेस लिखने पढ़ने में जितना छोटा लगता है. वास्तव में यह बहुत ही व्यापक शब्द है. हम सभी बिज़नस से परिचित है, लेकिन बिज़नस को कुछ शब्दों में परिभाषित करना थोड़ा मुश्किल जरूर है. बिज़नेस जितना बड़ा होता है. समझने में उतना ही ज्यादा समय लग जाता है. जैसे नौकरी, पेशा की कुछ विशेषता होती है. वैसे ही बिज़नेस की कुछ अलग ही विशेषता होती है।

व्यवसाय के लिए निवेश : किसी भी बिज़नेस की शुरुआत के लिए कैपिटल की जरूरत होती है. यह कैपिटल (पूँजी) शुरूआती पूँजी, आने वाले समय में कर्मचारी का वेतन, जगह का किराया देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यह पूँजी खुद का हो सकता है या किसी बैंक से लोन या किसी निवेशक का निवेश

व्यवसाय का उद्देश्य : व्यावसाय का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना होता है. व्यवसाय छोटा हो या बड़ा उसमें जो कुछ भी किया जा रहा है. उसका मकसद सिर्फ और सिर्फ लाभ कमना है. कुछ बिज़नेस ऐसे हैं जिसमें बहुत कम लागत से बहुत अच्छा पैसा बनाया जा सकता है. लेकिन कुछ ऐसे भी बिजनेसमैन हैं जिन्होनें कमाया तो नहीं लेकिन जो पूँजी था वो भी गवां दिया. लाभ के बिना व्यवसाय को चालू रखना संभव नहीं है. इसीलिए व्यवसाय आय की अनिश्चितता और जोखिम से भरा हुआ है। लेकिन फिर भी व्यवसाय तो करना ही होता है चाहे वह छोटा हो या बड़ा जोखिम हो या फायदा हर मनुष्य अपने पेट को पालने के लिए धन कमाने के लिए जिससे उसकी इच्छा पूरी हो सके व्यवसाय यह बिजनेस करता है उसके लिए उसे कड़ी मेहनत करनी होती है ।

Conclusion:-
आपको मेरी यह पोस्ट व्यवसाय कैसे करें या फिर बिजनेस क्या है से संबंधित सभी जानकारी बहुत ही आसानी से समझ में आ गई होंगी मैंने आपको इसके बारे में बहुत ही विस्तार से समझाया है इसके लिए मैंने आपको काफी कम शब्दों और अपने तरीके से बिजनेस के बारे में बताएं उम्मीद करता हूं दोस्तों आपको यह पोस्ट बहुत अच्छी पसंद आई होगी अगर आई हो तो यह पोस्ट अपने दोस्तों में भी जरूर शेयर करें ताकि उनको भी पता लगे कि बिजनेस क्या है बिजनेस कैसे करें अगर आपको इस पोस्ट या आर्टिकल से संबंधित कोई भी शिकायत यह सवाल हो तो आप बेझिझक होकर हमें कमेंट या कांटेक्ट कर सकते हैं हम आपके सवाल का जवाब जरूर देंगे धन्यवाद।

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